(धरती और मानवता का सन्देश)
लोगों ने कहा - अरे भूकंप आया !
मैं बोली - ना, किसी का इशारा आया।
धरती मां ने हमें ज़रा प्यार से हिलाया,
जैसे ज़मीर को सोते हुए से जगाया।
शायद आज धरती माँ का दिल भर आया।
और हम सभी तक यह पैगाम पहुंचाया।
इस पैगाम से हमें यह एहसास दिलाया -
