छोटे और दुर्बल का
कभी न करो
जाने अनजाने में
उपहास
छोटा सा दिया
घनघोर अँधेरे में
जगा जाता है
जीवन की आस
धीमा होता है पर
बदल देता है
रुख मौसम का झोंका
हवा का
कौन कहता है वो निर्बल होता है
घूप में काम देता है दवा का
छोटा सा ही होता है सीपी सागर में,
मोती उस से भी है छोटा होता

