Monday, January 1, 2024

शशि पाठक की कुछ नई कविताएं


1----

फर्क होता है

खुश होने और सुखी होने में ।

ज़रुरी नहीं कि

हर सुखी व्यक्ति खुश भी हो  ।

खुशी मन की एक स्थिति है ,

जबकि सुख

सुविधाओं पर आश्रित है ।

सुविधाएं खुशी नहीं

सुख देती हैं ।

अभावग्रस्त व्यक्ति भी 

खुश हो सकता है

और

सुखी व्यक्ति भी नाखुश रह सकता है ।

2-----

ज़िन्दा है इंसान

सपनोँ के सहारे

दो कविताएं : शैलेंद्र क र विमल

  गुज़रा हुआ ज़माना गुज़रा वक्त चलचित्र है, जैसे संघर्ष अनवरत है, यादों के सताने से हर कोई कोई सकूं मिलता पवित्र सा है, सामान्य वक्त हर ...