कुदरत के रंगों का जलाल था
बराबरी थी,एकरसता थी
पेड़ थे,बूटियाँ थी
स्थान था हरेक वस्तु का
कुदरती रचना थी
नर और मादा होने की
बिलकुल उतने ही बराबर थे सब
जितना बराबर था होना उनका
मनुष्य का आना धरती पर
ले कर आना था
विशेष क़िस्म की समझदारी
समझदारी ने की कुछ बाँटें
निश्चित किये स्थान
सब जीव निर्जीव वस्तुओं के
बंट गया तथ्य होने रहने का
नर और मादा होने में