Saturday, February 1, 2025

रीतू कलसी की कुछ कविताएं

 

हम और तुम

भले चाहें  युद्ध न हों

पर युद्ध होंगे 


और मरना किसे 

इस युद्ध में यकीनन

हमको तुमको


नेता आए,नेता गए 

दर्ज हुआ युद्ध इतिहास मे


तो युद्ध होंगे

इतिहास मे आने को

दो कविताएं : शैलेंद्र क र विमल

  गुज़रा हुआ ज़माना गुज़रा वक्त चलचित्र है, जैसे संघर्ष अनवरत है, यादों के सताने से हर कोई कोई सकूं मिलता पवित्र सा है, सामान्य वक्त हर ...